भारत सरकार और कौशल विकास संचालनालय द्वारा देश के युवाओं को रोजगारपरक बनाने और उन्हें व्यावहारिक कौशल प्रदान करने के लिए एक अत्यंत महत्वाकांक्षी पहल शुरू की गई है, जिसका नाम प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (Prime Minister Internship Scheme – PMIS) है । यदि आप एक व्यावसायिक छात्र (Vocational Student) हैं और अपने करियर को एक नई दिशा देना चाहते हैं, तो यह योजना आपके लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है । मध्य प्रदेश लोक शिक्षण संचालनालय और कौशल विकास संचालनालय द्वारा जारी किए गए आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को देश की शीर्ष कंपनियों में वास्तविक कार्य वातावरण और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है ।

इस विस्तृत लेख में हम जानेंगे कि प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना क्या है, व्यावसायिक छात्रों के लिए इसके क्या लाभ हैं, इसमें कितना स्टाइपेंड मिलता है और आप इसके लिए आधिकारिक पोर्टल पर कैसे आवेदन कर सकते हैं ।
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) क्या है?
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना की घोषणा केंद्रीय बजट में की गई थी, जिसे कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs), भारत सरकार द्वारा संचालित किया जा रहा है । यह योजना मुख्य रूप से उन छात्रों और युवाओं पर केंद्रित है जो शिक्षा पूरी करने के बाद या व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के दौरान व्यावहारिक औद्योगिक अनुभव (Industrial Exposure) प्राप्त करना चाहते हैं । इस योजना के तहत देश की शीर्ष कंपनियों में इंटर्नशिप के अवसर प्रदान किए जाते हैं ताकि छात्रों के व्यावसायिक कौशल, कार्यानुभव और रोजगार क्षमता में वृद्धि हो सके ।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस योजना के पहले दो चरण (वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26) में सफलता के बाद अब इस प्रोजेक्ट को दिसंबर 2026 तक विस्तारित कर दिया गया है (p. 3)। इस विस्तारित अवधि में 1.10 लाख अतिरिक्त इंटर्नशिप अवसर प्रदान करने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो व्यावसायिक छात्रों के लिए कॉर्पोरेट जगत में प्रवेश करने का एक बेहतरीन माध्यम है )।
व्यावसायिक छात्रों (Vocational Students) के लिए PMIS योजना का महत्व
व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) का मुख्य आधार ही व्यावहारिक ज्ञान होता है। कई बार छात्र किताबी ज्ञान तो प्राप्त कर लेते हैं, लेकिन जब वे वास्तविक औद्योगिक वातावरण में जाते हैं, तो उन्हें तालमेल बिठाने में कठिनाई होती है। PMIS इसी अंतर को पाटने का काम करती है ।
उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण: इंटर्नशिप के दौरान युवाओं को आधुनिकतम तकनीकों, उन्नत प्रक्रियाओं और वास्तविक व्यावसायिक वातावरण से रूबरू होने का अवसर मिलता है ।
व्यावहारिक कौशल का विकास: छात्र कंपनियों के दैनिक कार्यों में भाग लेकर वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त करते हैं, जिससे उनके तकनीकी और सॉफ्ट स्किल्स दोनों मजबूत होते हैं ।
रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि: प्रतिष्ठित कंपनियों में काम करने का अनुभव और वहां से प्राप्त प्रमाण-पत्र भविष्य में नियमित रोजगार पाने की योग्यता को काफी बढ़ा देता है ।
PMIS के तहत मिलने वाले आकर्षक वित्तीय लाभ और स्टाइपेंड
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना PMIS न केवल कौशल विकास का अवसर देती है, बल्कि इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को मजबूत वित्तीय सहायता भी प्रदान करती है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक तनाव के अपने प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित कर सकें । योजना के मुख्य वित्तीय तथ्य इस प्रकार हैं :
9,000 रुपये मासिक स्टाइपेंड: योजना के अंतर्गत चयनित होने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को प्रति माह 9,000 रुपये का आकर्षक स्टाइपेंड (Financial Assistance) प्रदान किया जाता है ।
6,000 रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन अनुदान: स्टाइपेंड के अलावा, इंटर्न को कुल 6,000 रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दो आसान किश्तों में दी जाती है (p. 3)।
प्रथम किश्त: इंटर्नशिप सफलतापूर्वक प्रारंभ करने के 15 दिनों के भीतर 3,000 रुपये की पहली किश्त प्रदान की जाती है ।
द्वितीय किश्त: इंटर्नशिप के तीन महीने सफलतापूर्वक पूरे होने के उपरांत शेष 3,000 रुपये की दूसरी किश्त दी जाती है ।
इंटर्नशिप की अवधि और प्रमाण-पत्र (Certificate)
इस योजना के तहत इंटर्नशिप की अवधि को बहुत ही व्यावहारिक तरीके से डिजाइन किया गया है । क्षेत्र (Sector) और कंपनी की आवश्यकताओं के आधार पर इंटर्नशिप की कुल अवधि 6 माह अथवा 9 माह निर्धारित की गई है ।
योजना की सबसे खास बात यह है कि इसका कम से कम आधा समय वास्तविक कार्यस्थल के अनुभव (Real Workplace Exposure) में व्यतीत होना अनिवार्य है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि छात्र केवल क्लासरूम तक सीमित न रहें। इसके अतिरिक्त, अपना कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद सभी प्रतिभागियों को भारत सरकार और संबंधित कंपनी द्वारा मान्यता प्राप्त एक व्यावसायिक प्रमाण-पत्र (Internship Completion Certificate) प्रदान किया जाता है, जो उनके भविष्य के करियर और रिज्यूमे के लिए अत्यंत मूल्यवान दस्तावेज साबित होता है ।
मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग के विशेष निर्देश और क्रियान्वयन
मध्य प्रदेश में इस योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय और समग्र शिक्षा अभियान (सेकेंडरी एजुकेशन) द्वारा कड़े कदम उठाए जा रहे हैं । राज्य सरकार द्वारा सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और व्यावसायिक शिक्षा समन्वयकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में PMIS योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें ।
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जारी निर्देशों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं :
पंजीयन में वृद्धि: जिले के अंतर्गत आने वाले सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के पात्र व्यावसायिक विद्यार्थियों कोPMIS योजना की जानकारी देकर उनका अधिकतम पंजीयन कराया जाए । मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग में वर्तमान में कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक व्यावसायिक शिक्षा संचालित हैI
जागरूकता कार्यशाला (Awareness Workshop): प्रत्येक विद्यालय में अनिवार्य रूप से ‘PMIS Awareness Workshop’ (प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना जागरूकता कार्यशाला) का आयोजन किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को इसके लाभ सीधे समझाए जा सकें
मार्गदर्शन और सहायता: विद्यालय स्तर पर शिक्षकों और प्राचार्यों द्वारा छात्रों को आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन और आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया का मार्गदर्शन दिया जाए
नियमित समीक्षा: जिला स्तर से की गई कार्यवाही की समेकित प्रगति रिपोर्ट निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च कार्यालय को प्रेषित की जाए
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
यदि आप इस योजना के लिए पात्र हैं और आवेदन करना चाहते हैं, तो इसकी पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और निःशुल्क है । आवेदन करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
चरण 1: सबसे पहले प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के आधिकारिक वेब पोर्टल PM Internship Portal पर जाएं ।
चरण 2: पोर्टल के होमपेज पर जाकर ‘Register’ या ‘Sign Up’ विकल्प पर क्लिक करें और अपने बुनियादी विवरण जैसे नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी का उपयोग करके अपना पंजीकरण करें।
चरण 3: पंजीकरण के बाद अपने खाते में लॉगिन करें और अपनी शैक्षणिक योग्यता (Educational Details), जैसे कि व्यावसायिक कोर्स या आईटीआई/डिप्लोमा की जानकारी दर्ज करें।
चरण 4: अपने कौशल (Skills) और प्राथमिकताओं के आधार पर उपलब्ध कंपनियों या क्षेत्रों (Sectors) का चयन करें। आप अपनी पसंद के अनुसार अधिकतम 3 विकल्पों या कंपनियों का चयन कर सकते हैं।
चरण 5: आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने और अपनी प्रोफाइल (e-KYC सहित) को पूरी तरह से अपडेट करने के बाद आवेदन फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट कर दें।
आवेदन करने के बाद आप अपने आवेदन की स्थिति (Application Status) को इसी पोर्टल के माध्यम से नियमित रूप से ट्रैक भी कर सकते हैं।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) देश के व्यावसायिक छात्रों (Vocational Students) के लिए एक ऐसा मंच है, जो उनके शैक्षणिक ज्ञान को सीधे कॉर्पोरेट जगत की व्यावहारिक आवश्यकताओं से जोड़ता है । 9,000 रुपये प्रति माह का स्टाइपेंड, अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि और देश की अग्रणी कंपनियों में काम करने का यह अनुभव युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है । यदि आप मध्य प्रदेश या देश के किसी भी अन्य राज्य के छात्र हैं, तो आपको बिना देरी किए अपने नजदीकी विद्यालय या आधिकारिक पोर्टल से संपर्क कर इस योजना का लाभ अवश्य उठाना चाहिए
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